ऐसे में होती है अच्छे दोस्त, भाई और पत्नी की असली पहचान, जानिए क्या कहती है चाणक्य नीति

0
530

आचार्य चाणक्य एक ऐसे व्यक्ति हैं जिनके बारे में हर कोई कुछ न कुछ जानता है। जी हां, आप सभी ने आचार्य चाणक्य के बारे में किताबों में पढ़ा होगा। अपनी बुद्धिमत्ता के लिए दुनिया भर में मशहूर आचार्य चाणक्य की नीति आज भी प्रासंगिक है। यह उल्लेख किया जा सकता है कि आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति के बल पर नंदवंश को नष्ट कर दिया और एक साधारण बच्चे चंद्रगुप्त मौर्य को सम्राट बना दिया। ऐसा कहा जाता है कि चाणक्य की नीति का पालन करने वाला व्यक्ति अपने जीवन में कभी असफल नहीं होता है।

https://newslable.com/wp-content/uploads/2021/09/13-1-11.jpg

इतना ही नहीं आचार्य चाणक्य को राजनीति के साथ-साथ अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र की भी अच्छी समझ थी। उन्होंने अपनी नीति में मानव समाज के कल्याण से जुड़ी कई बातों का उल्लेख किया है।

आज हम चाणक्य जी की उस नीति के बारे में जानेंगे जिसमें उन्होंने उस समय का उल्लेख किया है जब आपके अच्छे दोस्त, भाई और पत्नी एक दूसरे को जानते हैं। इसके अलावा, दोस्त, भाई और पत्नी इस मानव जीवन के रिश्ते हैं, जो दूसरों से बहुत अलग हैं। उन्हें जानना बहुत जरूरी है। एक सच्चा दोस्त, भाई और पत्नी आपके सफल जीवन के वाहक हो सकते हैं। तो आइए जानते हैं आचार्य चाणक्य उनके बारे में क्या कहते हैं।

https://newslable.com/wp-content/uploads/2021/09/13-2-11.jpg

यह उल्लेख किया जाना चाहिए कि आचार्य चाणक्य के अनुसार, एक नौकर की पहचान काम पर होती है, एक सच्चे भाई और एक अच्छे दोस्त की पहचान संकट के समय होती है और पत्नी की पहचान तब होती है जब व्यक्ति का सारा धन नष्ट हो जाता है। जी हां, चाणक्य का मानना ​​है कि कठिन परिस्थितियों में पति का साथ देने वाली पत्नी ही सच्ची साथी होती है। उसी तरह संकट के समय या शत्रुओं से घिरे रहने पर आपका साथ देने वाला मित्र ही सच्चा और अच्छा मित्र होता है।

इतना ही नहीं आचार्य चाणक्य का कहना है कि दोस्त बनाते समय बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। क्योंकि बुरी संगत या बुरे दोस्त संकट के समय आपको धोखा दे सकते हैं। जबकि सच्चे दोस्त हर परिस्थिति में आपका साथ देते हैं। साथ ही आचार्य चाणक्य जी के अनुसार धर्म के मामले में भी किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए। क्योंकि पैसे को देखकर किसी का भी विश्वास डगमगा सकता है। पैसों और पैसों के मामले में हर किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए।